ankho me ansu kahan se ate hai ? या प्याज को जब काटते है तब आँखों में आंसू क्यों एते है।

वास्तव में हमारी आँखों में हमेशा ही आंसू निकलते रहते है। लेकिन इतने धीरे धीरे कि हमें पता ही नहीं चलता।  हमारी आँखों में अंदर अंदर लगभग 10 किलोमीटर बाह जाते है। हमारी  कोने में ऊपर की ओर आंसू  ग्रंथिया होती है।  नालियों द्वारा ऊपरी पालक के निचे पहुंचकर वहां जमा होते। है जब  झपकते है तो ये आंसू पूरी आंख में  फ़ैल जाते है। आंसू हमारे दृश्यक पटल (जिससे हम देखते है )को गिला और साफ करते है। बाद में ये आंख में ऊपरी निचली पालक के जोड़  के पास बानी एक नली से होते हुए नक् में बाह जाते है।


आमतौर पर हमारी आँखों की निचली पलक का सिरा चिकना होता है। इसलिए आंसू बहकर आंख से निकलते है।  हुई सामान्य अवस्था की बात। लेकिन जब किसी कारणवस ग्रंथियों पर दवाव बढ़ जाता है ,तो ये आंसू जल्दी जल्दी निकलते है। और बहार बहने लगते है। प्याज में एक ऐसा तरल पदार्थ होता है जिसमे गंधक की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह तरल पदार्थ हवा के संपर्क में आते ही गैस में बदल जाता है। जब गैस के रूप में यह हमारी आँखों तक पहुँचता है तो आँखों में जलन होने लगती है।

इस जलन को काम करने के लिए ही आंसू बनाए वाली ग्रंथिया आंसू बनाने लगती है। इससे प्याज की गैस की सांद्रता काम हो जाती है और आँखों को राहत मिलती है। आंसू हमारे दृश्य पटल को गिला और साफ रखने के साथ साथ और भी कई काम आते है। ये हमारे दृस्य पटल और ऊपरी पालक  बीच के घरसँ को काम करके दृस्य पटल को चोट से बचते है। दृस्य पटल पर फैलकर यह उसकी सतह को भी एक सा बनाते है।  एक सी सपाट सतह अच्छी दृष्टि के लिए जरूरी होती है। जब हम  करते है तो पलकों के जोड़ को मजबूती से बंद रखने में भी मदद करते है।

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